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समसामयिकी / राष्ट्रीय

राष्ट्रीय समसामयिकी

5 नवंबर 2026पढ़ना हमेशा मुफ्त

इस दिन के 15 तथ्य आधिकारिक स्रोत से सत्यापित नहीं हो सके और इसलिए शामिल नहीं किए गए।

DRDO ने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से क्वासी बैलिस्टिक मिसाइल प्रलय का उड़ान परीक्षण किया

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DRDO ने 5 नवंबर 2026 को लगभग 1110 बजे ओडिशा तट के निकट डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से क्वासी बैलिस्टिक मिसाइल प्रलय का सफल उड़ान परीक्षण किया.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333276

एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर द्वारा तैनात विभिन्न रेंज उपकरणों से प्राप्त परीक्षण आंकड़ों से पुष्टि हुई कि सभी परीक्षण उद्देश्य पूरी तरह प्राप्त किए गए.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333276

अनुसंधान केंद्र इमारत, हैदराबाद ने अन्य DRDO प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर इस मिसाइल को स्वदेशी रूप से विकसित किया है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333276

भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, जो विकास सह उत्पादन भागीदारों में से एक है, ने इस प्रणाली का उत्पादन किया है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333276

यह क्यों मायने रखता है

एक परीक्षण के पीछे चार अलग संस्थाएं हैं और प्रश्न यही पूछेगा कि किसने क्या किया. अनुसंधान केंद्र इमारत, हैदराबाद ने मिसाइल विकसित की, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने इसका उत्पादन किया, एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर ने रेंज उपकरण लगाए, और प्रक्षेपण ओडिशा तट के निकट डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से हुआ. प्रलय बैलिस्टिक नहीं बल्कि क्वासी बैलिस्टिक है, यही शब्द विज्ञप्ति में है और यही याद रखने योग्य है.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: ओडिशा तट के निकट डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, जिसे पहले व्हीलर द्वीप कहा जाता था, DRDO के अधिकांश मिसाइल परीक्षणों का प्रक्षेपण स्थल है, जबकि चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज ट्रैकिंग और रेंज उपकरण उपलब्ध कराती है. भारत डायनेमिक्स लिमिटेड एक रक्षा सार्वजनिक उपक्रम है जो DRDO द्वारा डिजाइन की गई मिसाइलों का श्रृंखला उत्पादन करता है.

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UPSC ने सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2026 के लिखित परीक्षा परिणाम घोषित किए

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सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2026 संघ लोक सेवा आयोग द्वारा 21 अगस्त 2026 से 30 अगस्त 2026 तक आयोजित की गई थी.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333275

लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवार भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा तथा समूह A और समूह B की अन्य केंद्रीय सेवाओं में चयन के लिए व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) के लिए अर्हता प्राप्त कर चुके हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333275

आरक्षण या छूट का लाभ चाहने वाले उम्मीदवारों को सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2026 के आवेदन की अंतिम तिथि, यानी 27.02.2026 तक जारी मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333275

व्यक्तित्व परीक्षण संघ लोक सेवा आयोग के कार्यालय, धौलपुर हाउस, शाहजहां रोड, नई दिल्ली-110069 में होंगे, और कोई कागजी या भौतिक समन पत्र जारी नहीं किया जाएगा.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333275

यह क्यों मायने रखता है

यह सिविल सेवा परीक्षा का लिखित चरण है, अंतिम परिणाम नहीं, और यही अंतर पूरे विषय का सार है. इसे उत्तीर्ण करने पर उम्मीदवार केवल व्यक्तित्व परीक्षण के लिए अर्ह होता है, उम्मीदवारी अनंतिम रहती है, और सेवाएं भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा तथा समूह A और समूह B की अन्य केंद्रीय सेवाएं हैं. विज्ञप्ति में उत्तीर्ण उम्मीदवारों की संख्या नहीं दी गई है, इसलिए अन्यत्र दिया गया कोई आंकड़ा इस स्रोत से नहीं है.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में होती है: प्रारंभिक परीक्षा, जो केवल छंटनी परीक्षा है, मुख्य लिखित परीक्षा, और व्यक्तित्व परीक्षण. UPSC अनुच्छेद 315 के अंतर्गत एक संवैधानिक निकाय है, और इसकी संस्तुतियों से अखिल भारतीय सेवाओं तथा केंद्रीय सेवाओं के पद भरे जाते हैं.

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UPSC ने NDA और नौसेना अकादमी परीक्षा (I), 2026 के अंतिम परिणाम घोषित किए, 617 उम्मीदवार उत्तीर्ण

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UPSC ने 12 अप्रैल 2026 को हुई लिखित परीक्षा और उसके बाद सेवा चयन बोर्ड, रक्षा मंत्रालय द्वारा लिए गए साक्षात्कारों के आधार पर उत्तीर्ण 617 उम्मीदवारों की योग्यता क्रम में सूची घोषित की है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333280

उत्तीर्ण उम्मीदवारों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के थल सेना, नौसेना और वायु सेना विंग में 157वें कोर्स के लिए तथा नौसेना अकादमी में 119वें भारतीय नौसेना अकादमी कोर्स के लिए प्रवेश मिलेगा.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333280

इन सूचियों को तैयार करने में चिकित्सा परीक्षा के परिणामों को ध्यान में नहीं रखा गया है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333280

उम्मीदवारों के अंक अंतिम परिणाम घोषित होने की तिथि से 15 दिन बाद UPSC की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333280

यह क्यों मायने रखता है

इस परिणाम के साथ दो कोर्स संख्याएं जुड़ी हैं और उन्हें आपस में बदल देना आसान है: राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का प्रवेश 157वां कोर्स है और नौसेना अकादमी का प्रवेश 119वां भारतीय नौसेना अकादमी कोर्स है. 617 नामों की योग्यता सूची 12 अप्रैल 2026 की लिखित परीक्षा और सेवा चयन बोर्ड के साक्षात्कारों पर आधारित है, और चिकित्सा परीक्षा के परिणाम स्पष्ट रूप से इसका भाग नहीं हैं, इसलिए यहां उत्तीर्ण होना अभी पुष्ट प्रवेश नहीं है.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: NDA और नौसेना अकादमी परीक्षा UPSC वर्ष में दो बार आयोजित करता है, जिसमें लिखित प्रश्नपत्र के बाद सेवा चयन बोर्ड के साक्षात्कार होते हैं. खडकवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी तीनों सेनाओं के कैडेटों को एक साथ प्रशिक्षण देती है, और भारतीय नौसेना अकादमी केरल के एझिमला में है.

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खान मंत्रालय ने गोवा में महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक नीलामी की नौवीं किश्त और अन्वेषण लाइसेंस नीलामी की तीसरी किश्त शुरू की

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खनन मंत्रियों के दो दिवसीय 4वें सम्मेलन का पहला दिन खान मंत्रालय द्वारा गोवा में आयोजित किया गया.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333352

महत्वपूर्ण और सामरिक खनिज ब्लॉक नीलामी की 9वीं किश्त शुरू की गई, जिसमें 8 राज्यों के 20 खनिज ब्लॉक पेश किए गए, जिनमें दुर्लभ मृदा तत्व, ग्रेफाइट और वैनेडियम जैसे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333352

पिछली आठ किश्तों में 100 अद्वितीय महत्वपूर्ण और सामरिक खनिज ब्लॉक पेश किए गए थे, जिनमें से 64 की सफलतापूर्वक नीलामी हुई, यानी 64% सफलता दर.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333123

अन्वेषण लाइसेंस नीलामी की 3री किश्त में 6 राज्यों के 11 अन्वेषण ब्लॉक शामिल हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333352

अतिथियों ने ANVESH और EKAM नामक दो डिजिटल पोर्टल शुरू किए, जिन्हें भारतीय खान ब्यूरो ने आंकड़ा आधारित शासन और सुविचारित निर्णय लेने के लिए विकसित किया है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333352

ANVESH का पूरा रूप Analytics and Navigation for Valuation, Evaluation and Strategic Headway in Mining है, और यह खनिज उत्पादन, प्रेषण, बिक्री मात्रा, औसत बिक्री मूल्य तथा आयात और निर्यात सहित खनन संबंधी आंकड़ों तक पहुंच और उनके विश्लेषण की सुविधा देगा.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333352

यह क्यों मायने रखता है

एक ही दिन दो अलग नीलामियां शुरू हुईं और प्रश्न उनके आंकड़े आपस में बदलने की कोशिश करेगा. खनिज ब्लॉक नीलामी 9वीं किश्त है जिसमें 8 राज्यों के 20 ब्लॉक हैं; अन्वेषण लाइसेंस नीलामी 3री किश्त है जिसमें 6 राज्यों के 11 ब्लॉक हैं. दूसरा परीक्षण योग्य आंकड़ा संचयी रिकॉर्ड है: पिछली आठ किश्तों में 100 ब्लॉक पेश हुए और 64 की नीलामी हुई, जिसे विज्ञप्ति स्वयं 64% सफलता दर कहती है. विज्ञप्ति में ANVESH का पूरा रूप दिया गया है और EKAM का नहीं, इसलिए केवल एक का पूरा रूप बताया जा सकता है.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: लिथियम, ग्रेफाइट, वैनेडियम और दुर्लभ मृदा तत्वों जैसे महत्वपूर्ण और सामरिक खनिजों की नीलामी खान मंत्रालय खनिज (नीलामी) नियमों के अंतर्गत करता है. अन्वेषण लाइसेंस एक नया साधन है जो खनन पट्टे की नीलामी से पहले निजी एजेंसियों को गहरे और महत्वपूर्ण खनिजों का अन्वेषण करने देता है, और भारतीय खान ब्यूरो खनिज आंकड़ों तथा नियमन के लिए मंत्रालय की तकनीकी शाखा है.

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रेल मंत्रालय को केंद्रीय मंत्रालयों में सर्वाधिक भवनों के सौरीकरण के लिए PM सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार मिला

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भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 में रेल मंत्रालय को PM सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333012

मंत्रालय ने देश भर में छत पर सौर संस्थापन के लिए 15,868 उपयुक्त रेलवे भवन चिन्हित किए हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333012

अब तक 12,495 भवनों में छत पर सौर प्रणालियां लगाई गई हैं, जो कुल चिन्हित भवनों का 79% है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333012

मंत्रालय ने 424 MW के लक्ष्य के मुकाबले 351 MW छत पर सौर क्षमता चालू की है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333012

राष्ट्रीय स्तर पर 77 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में चिन्हित 39,135 भवनों में से 25,984 भवनों का अब तक सौरीकरण हुआ है, जो कुल चिन्हित भवनों का 66% है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333012

यह क्यों मायने रखता है

दो आंकड़ा समूह साथ साथ हैं और असावधान प्रश्न उन्हें मिला देगा. रेलवे के आंकड़े हैं 15,868 भवन चिन्हित, 12,495 का सौरीकरण यानी 79%, और 424 MW लक्ष्य के मुकाबले 351 MW चालू. राष्ट्रीय आंकड़े हैं 77 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के 39,135 भवनों में से 25,984, यानी 66%. पुरस्कार की श्रेणी भी विशिष्ट है: केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों द्वारा सर्वाधिक भवनों का सौरीकरण, सबसे अधिक क्षमता नहीं.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: PM सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना 2024 में घोषित केंद्रीय छत सौर योजना है, जो मुख्यतः घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है लेकिन सरकारी भवनों के सौरीकरण का समानांतर प्रयास भी करती है. छत सौर क्षमता लगे पैनलों के मेगावाट में गिनी जाती है, इसीलिए कोई मंत्रालय भवनों की संख्या में आगे रह सकता है और क्षमता में नहीं.

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UIDAI ने 300 ऑफलाइन सत्यापन इच्छुक संस्थाओं को जोड़ा, आधार ऐप डाउनलोड 7.5 करोड़ के करीब

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UIDAI ने जनवरी में आधार ऐप की शुरुआत के बाद से 300 ऑफलाइन सत्यापन इच्छुक संस्थाओं को जोड़ा है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333177

आधार ऐप के अब तक लगभग 7.5 करोड़ डाउनलोड दर्ज हुए हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333177

ऐप के माध्यम से 86 लाख से अधिक मोबाइल नंबर अद्यतन, 22.16 लाख पता अद्यतन और 40.25 लाख ईमेल अद्यतन किए गए हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333177

आधार ऐप पर 4.6 करोड़ बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक लेनदेन दर्ज हुए हैं, जो डिजिटल सुरक्षा सुविधाओं के बढ़ते उपयोग को दर्शाते हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333177

यह क्यों मायने रखता है

एक ही विज्ञप्ति में आधार ऐप के चार अलग आंकड़े हैं और उनमें से केवल एक डाउनलोड संख्या है. डाउनलोड लगभग 7.5 करोड़ हैं, बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक लेनदेन 4.6 करोड़ हैं, मोबाइल नंबर अद्यतन 86 लाख से अधिक हैं, और संस्थाओं की संख्या 300 ऑफलाइन सत्यापन इच्छुक संस्थाएं है. ऑफलाइन सत्यापन सहमति आधारित और कागज रहित है, OVSE जोड़ने का यही अर्थ है, कोई नई आधार प्रमाणीकरण शक्ति नहीं.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण आधार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत आधार जारी करता है. ऑफलाइन सत्यापन में निवासी एक स्थानीय रूप से सत्यापन योग्य प्रमाण साझा करता है और सत्यापन करने वाली संस्था UIDAI के डेटाबेस से पूछताछ नहीं करती, तथा ऑफलाइन सत्यापन इच्छुक संस्था वह है जिसे इसे स्वीकार करने की अनुमति है. डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम यह तय करता है कि ऐसे आंकड़ों का उपयोग कैसे किया जाए.

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संस्कृति मंत्रालय ने भारत की सांस्कृतिक विरासत के डिजिटलीकरण के लिए Google Arts & Culture के साथ समझौता ज्ञापन किया

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संस्कृति मंत्रालय ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को अत्याधुनिक डिजिटल साधनों के माध्यम से जनता तक पहुंचाने के लिए Google Arts & Culture के साथ समझौता ज्ञापन किया.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333271

यह समझौता ज्ञापन एक वर्चुअल समारोह में संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल और Google Arts & Culture के संस्थापक श्री अमित सूद की उपस्थिति में किया गया.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333271

इस साझेदारी के केंद्र में युगे युगीन भारत संग्रहालय है, जो नई दिल्ली के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में भारत के युगों के इतिहास के संग्रहालय के रूप में आकार ले रहा है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333271

यह साझेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों, राष्ट्रीय संग्रहालयों के संग्रह, तथा ज्ञान भारतम के अंतर्गत दर्ज की जा रही हस्तलिपि विरासत को शामिल करती है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333271

यह क्यों मायने रखता है

साझेदार, हस्ताक्षरकर्ता और प्रमुख परियोजना, तीनों पूछे जा सकते हैं. साझेदार Google Arts & Culture है, मंत्रालय का प्रतिनिधित्व सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने किया और Google का प्रतिनिधित्व उसके संस्थापक श्री अमित सूद ने, और केंद्र में नॉर्थ तथा साउथ ब्लॉक का युगे युगीन भारत संग्रहालय है. ज्ञान भारतम हस्तलिपि दर्ज करने का अलग प्रयास है जिसका सहारा यह समझौता लेता है, यहां घोषित कोई नई योजना नहीं.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: युगे युगीन भारत संग्रहालय नई दिल्ली के सेंट्रल विस्टा के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में राष्ट्रीय संग्रहालय के रूप में प्रस्तावित है. संस्कृति मंत्रालय के अधीन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण केंद्रीय रूप से अधिसूचित स्मारकों और स्थलों का संरक्षण करता है, और ज्ञान भारतम भारत की हस्तलिपि विरासत के सर्वेक्षण तथा डिजिटलीकरण का मंत्रालय का कार्यक्रम है.

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GRSE ने भारतीय नौसेना को पांचवां पनडुब्बी रोधी उथले जल पोत अमिनी सौंपा

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रक्षा मंत्रालय के अधीन नवरत्न रक्षा सार्वजनिक उपक्रम गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड ने भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे आठ पनडुब्बी रोधी उथले जल पोतों में से पांचवां पोत अमिनी सौंपा.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333192

इस सुपुर्दगी के साथ अमिनी GRSE द्वारा निर्मित 119वां युद्धपोत और भारतीय नौसेना को सौंपा गया 81वां पोत बन गया है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333192

अमिनी की लंबाई 77.6 मीटर है, यह वाटरजेट से जुड़े समुद्री डीजल इंजनों से चलता है और इसका उथला ड्राफ्ट लगभग 2.7 मीटर है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333192

ASW-SWC कार्यक्रम में लगभग 88 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है और इसमें GRSE द्वारा निर्मित 30 मिमी नौसैनिक सतह तोप लगी है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333192

GRSE वर्तमान में 13 अग्रिम पंक्ति के नौसैनिक प्लेटफॉर्म और 36 अन्य पोत बना रहा है, जिनमें 13 निर्यात प्लेटफॉर्म शामिल हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333192

यह क्यों मायने रखता है

इस सुपुर्दगी के साथ तीन गणनाएं जुड़ी हैं और वे आपस में बदली नहीं जा सकतीं. अमिनी इस श्रेणी के आठ पनडुब्बी रोधी उथले जल पोतों में पांचवां है, GRSE द्वारा निर्मित 119वां युद्धपोत है, और भारतीय नौसेना को सौंपा गया 81वां पोत है. कार्यक्रम की स्वदेशी सामग्री लगभग 88 प्रतिशत है, और प्रश्न सामान्यतः यही आंकड़ा पूछता है, पोत के आयाम नहीं.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स रक्षा मंत्रालय के अधीन नवरत्न रक्षा पोत निर्माणशाला है. पनडुब्बी रोधी उथले जल पोत तटीय पनडुब्बी रोधी कार्य के लिए बनाए जाते हैं, जहां सहनशक्ति से अधिक उथला ड्राफ्ट मायने रखता है, और ये पुराने अभय श्रेणी के कोरवेट की जगह लेते हैं.

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INS सह्याद्री अभ्यास मालाबार 2026 के लिए जापान के योकोसुका नौसैनिक अड्डे पहुंचा

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भारतीय नौसेना का स्वदेशी निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट INS सह्याद्री, जो पूर्वी बेड़े का है, बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास मालाबार 2026 में भाग लेने के लिए 04 नवंबर 2026 को जापान के योकोसुका नौसैनिक अड्डे पहुंचा.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333046

मालाबार 2026 में भारत, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं एक साथ आती हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333046

बंदरगाह चरण में व्यावसायिक संवाद और समन्वित नियोजन होगा, उसके बाद समुद्री चरण होगा जिसमें INS सह्याद्री तथा संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान की भाग लेने वाली इकाइयां शामिल होंगी.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333046

यह भागीदारी MAHASAGAR की परिकल्पना के अनुरूप है, जिसका पूरा रूप Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333046

यह क्यों मायने रखता है

मालाबार की शुरुआत भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में हुई थी और अब इसमें चार भागीदार हैं, भारत, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया, और यही तथ्य सबसे अधिक पूछा जाता है. मेजबान अड्डा योकोसुका है और पोत पूर्वी बेड़े का INS सह्याद्री है, जो स्वदेशी निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट है. MAHASAGAR उद्धृत परिकल्पना है और इसका पूरा रूप याद रखने योग्य है.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: अभ्यास मालाबार 1992 में भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के रूप में शुरू हुआ, जापान स्थायी सदस्य बना और बाद में ऑस्ट्रेलिया जुड़ा, जिससे भागीदार क्वाड के समान चार देश हो गए. INS सह्याद्री शिवालिक श्रेणी का स्टील्थ फ्रिगेट है जो मुंबई की मझगांव डॉक में बना है.

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TRAI ने दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अंतर्गत नए उपग्रह संचार नेटवर्क प्रदाता प्राधिकरण की संस्तुति की

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TRAI ने उपग्रह संचार नेटवर्क प्रदाता प्राधिकरण और उपग्रह संचार नेटवर्क प्रदाताओं को स्पेक्ट्रम आवंटन के ढांचे पर अपनी संस्तुतियां जारी की हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333145

DoT ने 03.07.2025 को TRAI को बताया कि सरकार दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 3(1)(b) के अंतर्गत उपग्रह संचार नेटवर्क प्राधिकरण शुरू करने का प्रस्ताव रखती है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333145

TRAI ने संस्तुति की है कि दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(b) के अंतर्गत उपग्रह संचार नेटवर्क प्रदाता प्राधिकरण नाम का एक नया प्राधिकरण शुरू किया जाए.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333145

परामर्श पत्र के उत्तर में 31 हितधारकों की टिप्पणियां और 12 हितधारकों की प्रति टिप्पणियां प्राप्त हुईं और TRAI की वेबसाइट पर अपलोड की गईं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333145

परामर्श पत्र पर एक खुली चर्चा 02.07.2026 को वर्चुअल माध्यम से हुई.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333145

यह क्यों मायने रखता है

वैधानिक आधार ही पूछे जाने योग्य भाग है: नया प्राधिकरण दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3(1)(b) के अंतर्गत आता है, वही अधिनियम जिसने लाइसेंस व्यवस्था की जगह प्राधिकरण व्यवस्था लाई. अनुरोध DoT ने 03.07.2025 को किया था और इसमें फीडर लिंक तथा उपयोगकर्ता लिंक दोनों के लिए स्पेक्ट्रम शामिल है. परामर्श के आंकड़े, 31 टिप्पणियां और 12 प्रति टिप्पणियां, वही विवरण हैं जिनसे प्रश्नपत्र गंभीर पाठक को सरसरी पाठक से अलग करता है.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने पुरानी लाइसेंस व्यवस्था की जगह धारा 3 के अंतर्गत दिए जाने वाले प्राधिकरणों की व्यवस्था लाई. TRAI एक सांविधिक नियामक है और ऐसे ढांचों पर उसकी संस्तुतियां दूरसंचार विभाग के लिए परामर्शी होती हैं, अंतिम निर्णय विभाग लेता है.

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भारतीय खगोलविदों ने तारा समूह UBC 63 को निकट से गुजरने के बाद दोहरा समूह तंत्र पाया

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UBC 63, जो पृथ्वी से लगभग 4892 प्रकाश वर्ष दूर गुरुत्व से ढीले रूप में बंधा एक गैलेक्टिक मुक्त समूह है और जिसे पहले एकल तारा समूह माना जाता था, अब दो भिन्न तारा समूहों से बना पाया गया है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333191

भारत के खगोलविदों के नेतृत्व वाली एक टीम, जिसमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का एक INSPIRE वरिष्ठ शोध अध्येता, गुवाहाटी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता तथा DST के स्वायत्त संस्थान भारतीय तारा भौतिकी संस्थान के शोधकर्ता शामिल थे, ने पाया कि UBC 63 वास्तव में दो समूहों UBC 63A और UBC 63B से बना है, जो हाल ही में एक दूसरे के बहुत निकट से गुजरे.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333191

यह आकस्मिक खोज दो तारकीय तंत्रों के निकट से गुजरने के बाद की स्थिति का अध्ययन करने का दुर्लभ अवसर देती है और आकाशगंगा में तारा समूहों के गतिकीय विकास पर नई समझ प्रदान करती है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333191

इस प्रकार की मुठभेड़ के तुरंत बाद किसी तंत्र का पता लगाना इस बारे में मूल्यवान संकेत दे सकता है कि गुरुत्वीय अंतःक्रियाएं समूह की संरचना, गति और दीर्घकालिक विकास को कैसे प्रभावित करती हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333191

यह क्यों मायने रखता है

दूरी और नामकरण दो परीक्षण योग्य आधार हैं: लगभग 4892 प्रकाश वर्ष, और एकल पिंड UBC 63 का UBC 63A तथा UBC 63B में विभाजित होना. संस्थान भी पूछे जा सकते हैं, गुवाहाटी विश्वविद्यालय के साथ भारतीय तारा भौतिकी संस्थान, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का स्वायत्त संस्थान है, और जिन्होंने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के आंकड़ों पर काम किया.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: मुक्त समूह गैस और धूल के एक ही बादल से बने तारों का ढीला बंधा समूह है, जो आकाशगंगा की डिस्क में मिलता है, जबकि गोलीय समूह घना और पुराना होता है. भारतीय तारा भौतिकी संस्थान का मुख्यालय बेंगलुरु में है और इसकी मुख्य वेधशाला कवालूर में है, तथा INSPIRE विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का युवा शोधकर्ताओं के लिए अध्येतावृत्ति कार्यक्रम है.

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CMFRI ने भारतीय तट पर 161 समुद्री स्तनपायी अपतटन दर्ज किए, सर्वाधिक मामले गोवा में

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ICAR-केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान ने 2024-25 में भारतीय तट पर 161 समुद्री स्तनपायी अपतटन मामले दर्ज किए, जिनमें सर्वाधिक 113 मामले गोवा में रहे, उसके बाद केरल में 13 और महाराष्ट्र में 11.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333211

हंपबैक डॉल्फिन, Sousa plumbea, के सर्वाधिक 82 अपतटन भारतीय तट पर दर्ज हुए, उसके बाद हिंद प्रशांत फिनलेस पॉरपॉइज, Neophocaena phocaenoides, के 44.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333211

यह संवादात्मक मंच लगभग 1,300 भौगोलिक आंकड़ा बिंदुओं को समेटता है जो 32 समुद्री स्तनपायी प्रजातियों को कवर करते हैं, और अपतटन स्थल, प्रजाति पहचान, घटना अभिलेख तथा मृत्यु के संभावित कारणों की जानकारी देते हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333211

आंकड़े CMFRI के समुद्री स्तनपायी अपतटन नेटवर्क के माध्यम से संकलित किए गए, जो भारतीय तटरेखा पर उसके क्षेत्रीय केंद्रों के कर्मचारियों के जरिए काम करता है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333211

यह क्यों मायने रखता है

राज्यों का क्रम ही जाल है. 161 मामलों में 113 गोवा में हैं, जो केरल के 13 और महाराष्ट्र के 11 से बहुत आगे है, और छोटी तटरेखा वाले राज्य के लिए यह अप्रत्याशित है. प्रजातियों का क्रम अलग है: हंपबैक डॉल्फिन 82 और हिंद प्रशांत फिनलेस पॉरपॉइज 44. मंच के 1,300 आंकड़ा बिंदु और 32 प्रजातियां तीसरा समूह हैं और मानचित्रण साधन से जुड़े हैं, 2024-25 के अपतटन गणना से नहीं.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: कोच्चि स्थित केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का संस्थान है और भारत का प्रमुख समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान निकाय है. अपतटन का अर्थ किसी समुद्री स्तनपायी का जीवित या मृत अवस्था में तट पर आ जाना है, और डॉल्फिन तथा पॉरपॉइज जैसे समुद्री स्तनपायी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के अंतर्गत संरक्षित हैं.

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किम्बरली प्रक्रिया के अध्यक्ष के रूप में भारत ने नई दिल्ली पूर्ण बैठक से पहले लुआंडा में हितधारक परामर्श बुलाया

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भारत ने 2026 के लिए किम्बरली प्रक्रिया के अध्यक्ष के रूप में 3 नवंबर 2026 को लुआंडा, अंगोला में हितधारक परामर्श बुलाया, जिसमें किम्बरली प्रक्रिया कार्य निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, किम्बरली प्रक्रिया के उपाध्यक्ष घाना गणराज्य, तथा पूर्व किम्बरली प्रक्रिया अध्यक्ष संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333238

यह परामर्श किम्बरली प्रक्रिया के अध्यक्ष और वाणिज्य विभाग के अपर सचिव श्री यशवीर सिंह के नेतृत्व में हुआ, और इसमें जिम्मेदार कच्चे हीरे की सोर्सिंग, संस्थागत शासन, अनुपालन तथा उपभोक्ता विश्वास पर ध्यान दिया गया.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333238

यह संवाद 30 नवंबर से 4 दिसंबर 2026 तक नई दिल्ली में होने वाली किम्बरली प्रक्रिया पूर्ण बैठक से पहले भारत के संपर्क प्रयास का भाग था.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333238

यह परामर्श ADPA की 20वीं वर्षगांठ समारोह के अवसर पर हुआ, जो 3-4 नवंबर 2026 को लुआंडा में आयोजित हुआ.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333238

ADPA में भारत को प्रेक्षक दर्जा प्राप्त है, जो अफ्रीकी हीरा उत्पादक देशों से संपर्क के लिए संस्थागत मंच देता है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333238

यह क्यों मायने रखता है

तीन पद आसानी से भ्रमित होते हैं: भारत 2026 का अध्यक्ष है, घाना गणराज्य उपाध्यक्ष है, और संयुक्त अरब अमीरात पूर्व अध्यक्ष है. ADPA के साथ भारत का संबंध प्रेक्षक दर्जे का है, सदस्यता का नहीं, और प्रश्न इसी अंतर पर टिकता है. पूर्ण बैठक की तिथियां और स्थान, नई दिल्ली में 30 नवंबर से 4 दिसंबर 2026, आगे का तथ्य है जिसे याद रखना चाहिए.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: किम्बरली प्रक्रिया 2003 में स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन योजना है जो संघर्ष हीरों को कच्चे हीरे के व्यापार से बाहर रखती है, और इसकी अध्यक्षता प्रतिभागियों के बीच प्रतिवर्ष बदलती है. ADPA का अर्थ अफ्रीकी हीरा उत्पादक संघ है, जो हीरा उत्पादक अफ्रीकी देशों का समूह है.

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मुंबई पत्तन प्राधिकरण ने विक्टोरिया डॉक पर विकसित भारत मुंबई मरीना के लिए पहली पूर्व बोली बैठक की

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पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन मुंबई पत्तन प्राधिकरण ने 30 अक्टूबर 2026 को पोर्ट भवन में विकसित भारत मुंबई मरीना के लिए पहली पूर्व बोली बैठक की.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333132

विक्टोरिया डॉक पर प्रस्तावित यह मरीना डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर आधार पर 45 वर्ष की रियायत अवधि के लिए लागू की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 922.67 करोड़ रुपये है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333132

इसका संरक्षित जल क्षेत्र 37.3 हेक्टेयर होगा, और पूर्ण निर्माण पर 604 नौकाओं को रखने की क्षमता होगी.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333132

मुंबई पत्तन प्राधिकरण पहले 424 बर्थ के लिए समुद्री कार्य करेगा, और पूरे परियोजना क्षेत्र के लिए पर्यावरण तथा तटीय नियमन क्षेत्र मंजूरियां पहले ही प्राप्त कर ली गई हैं.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333132

बोली मानक MbPA को देय सकल राजस्व का एकल प्रतिशत हिस्सा है, जिसकी न्यूनतम सीमा 11.50% है और जो पूरी रियायत अवधि के लिए तय है.

स्रोत: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2333132

यह क्यों मायने रखता है

आंकड़े अनेक हैं और हर एक अलग चीज से जुड़ा है: 922.67 करोड़ रुपये अनुमानित लागत है, 45 वर्ष रियायत अवधि, 37.3 हेक्टेयर संरक्षित जल क्षेत्र, 604 नौकाएं पूर्ण क्षमता, 424 वे बर्थ जिनका समुद्री कार्य पत्तन स्वयं करेगा, और 11.50% वह न्यूनतम राजस्व हिस्सा जो बोलीदाता को देना होगा. परियोजना विक्टोरिया डॉक पर है और मॉडल DBFOT है, कोई लोक निर्माण संविदा नहीं.

जुड़ा स्थायी सामान्य ज्ञान: मुंबई पत्तन प्राधिकरण भारत के प्रमुख पत्तन प्राधिकरणों में से एक है, जो प्रमुख पत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 2021 से संचालित होता है और पत्तन, पोत परिवहन तथा जलमार्ग मंत्रालय के अधीन काम करता है. DBFOT एक लोक निजी भागीदारी मॉडल है जिसमें रियायतग्राही परिसंपत्ति का वित्तपोषण और संचालन करता है और बाद में उसे वापस सौंप देता है, तथा तट के निकट निर्माण के लिए तटीय नियमन क्षेत्र मंजूरी आवश्यक होती है.

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इस दिन के नोट्स पर स्वयं को परखें